Tuesday, July 16, 2019

अनोखी लड़की (चौथा भाग)

आदित्य शिखा और शिखा के दोस्त सभी लोग मिलकर सिया की कब्र के पास जाते हैं । वह कब्र को खोदते है । आदित्य देख कर चौक जाता है कि कब्र में सिया नहीं है उसे शिखा की बात विश्वास होने लगता है, शिखा बोलती है, देखा न  पापा मैंने कहा था ना कि, माँ जिंदा है,  आदित्य बोलता है, हां बेटा तुम सही थी,  लेकिन तुम्हारी मां को किसने कैद किया होगा?  शिखा बोलती है,  पता नहीं,  आदित्य बोलता है,  चलो हम सब पुलिस स्टेशन चलकर शिकायत करवाते हैं । शिखा बोलती है,  लेकिन  पुलिस हमारी बात पर विश्वास नहीं करेंगी । आदित्य  बोलता है,  लेकिन हमें पुलिस की मदद लेनी ही पड़ेगी  लेकिन पुलिस विश्वास नहीं करेगी तो, तभी आदित्य को याद आता है कि उसका एक दोस्त पुलिस में है क्यों ना हम उसकी मदद ले वह मेरी मदद जरूर करेगा । शिखा बोलती है, यह ठीक रहेगा पापा ।                                                                                                                                                                                  अगले दिन आदित्य अपने दोस्त राजीव से मिलने जाता है जो एक पुलिस वाला है । आदित्य  राजीव के  घर पहुंचता है और राजीव को सारी बातें बताता है । राजीव कहता है,  ऐसा कैसे हो सकता है?  आदित्य बोलता है,  मुझे पता है तुम्हें विश्वास नहीं होगा लेकिन तुम्हें मेरे साथ चलना होगा,  सिया की  कब्र पर तभी तुम्हें विश्वास होगा । राजीव कहता  हैं, ठीक है चलते हैं दोनों सिया की कब्र पर  जाते हैं,  राजीव देखकर दंग रह जाता है कि यह कैसे हो सकता है?  तूने तो मेरे सामने ही सिया को दफनाया था लेकिन उसे किसने कैद किया है किसने? आदित्य बोलता है,   यह हमें नहीं पता है हमें तुम्हारी मदद चाहिए, राजीव  बोलता है, हा  में  तुम्हारी मदद करूंगा लेकिन यह पता तो चलना चाहिए आखिरकार वह आदमी है कौन और वह सिया को कहां लेकर गया है?                                                                                                                                                                             दोपहर के बाद राजीव आदित्य के घर आता है आदित्य बोलता है,  बच्चों ये  ही मेरा दोस्त है जो पुलिस में हैं । शिखा, राजीव  से कहती है क्या अंकल आप मेरी  मम्मी को ढूंढ लेंगे? राजीव  कहता है हा मेँ पूरी कोशिश करूंगा लेकिन तुम्हारी मां को कहां और कौन लेकर गया है यह मुझे पता रहना चाहिए?  शिखा कहती हैं, वहां पर जाना इतना आसान नहीं है अजीब बात है ऐसा क्यों बोल रही हो?  तब शिखा, राजीव को सिया  का वीडियो दिखाती है,  राजीव देखकर हैरान हो जाता है कि यह कैसे हो सकता है?  वह आदित्य से बोलता है क्या सही में देरी बीवी के पास शक्तियां थी?  आदित्य कहता है, हा लेकिन मुझे नहीं पता था, राजीव कहता है चल यार यह आज के जमाने में ऐसा होता भी है, किसी पास शक्तियां होती है, तभी शिखा उस कैमरे  को फोटो के अंदर डाल कर दिखाती है और राजीव ये  देख कर दंग रह जाता है यह कैसे किया तुमने?  राजीव को शिखा  की बात पर विश्वास होने लगता है । अनुराग बोलता है,   शिखा के पास  बहुत सारी शक्तिया हैं और हम उसी का इस्तेमाल करेंगे सिया आंटी को ढूंढने में,  राजीव कहता  हैं तो यह बात है,  ठीक है,  रोशनी बोलती है, लेकिन शिखा को तो पता ही नहीं उसके पास कौन-कौन सी शक्तिया है जब तक उसे पता नहीं चलेगा वह है उसका इस्तेमाल कैसे करेंगी । राजीव हसता है और बोलता है, अरे यह क्या नाटक चल रहा है, आदित्य  तूने बच्चों को खेलने के लिए बुलाया है,  इतने में शिखा को बहुत गुस्सा आ जाता है और गुस्से में चिल्लाने लगती है,  तुम  मेरी मम्मी को ढूंढने में हमारी मदद करोगे या नहीं, जब शिखा  गुस्सा करती है तो घर के सारे सामान  अपने आप हवा में उड़ने लगते  हैं यह देखकर सभी डर जाते हैं और रवि बोलता है,  शिखा तुम्हारे अंदर चीजों को उठाकर फेंकने की भी शक्ति है, इसका मतलब तुम किसी को भी उठा कर फेक सकती हो ।                                                                                                                                                                               तभी दिव्या बोलती हैं, शिखा तुझे याद है एक बार तूने मुझे बताया था कि तू अपने बचपन में चली गई थी सपने में और तू एक गुड़िया से खेल रही  थी, लेकिन जब तू  सुबह उठी तो वही गुड़िया तेरे पास थी,  तूने मुझे बताया था,  तुझे याद है शिखा ने कहा हां याद है, क्या वह गुड़िया तेरे पास थी? शिखा ने कहा वह गुड़िया तो जब मैं छोटी थी तभी खो  गई थी, रवि बोलता है,   तो वह गुड़िया तेरे पास कैसे आई?  शिखा बोलती है,  मुझे पता नहीं, तभी  आदित्य बोलता है, गुड़िया कौन  सी गुड़िया जब तुम  5 साल की थी?  शिखा बोलती, हां पापा,  लेकिन बेटा वह गुड़िया तो मुझसे ही गलती से जल गई थी । शिखा बोलती है,  क्या बोल रहे  हो पापा, तभी  दिव्या बोलती है, शिखा इसका मतलब तूने सपना नहीं देखा था, इसका यह मतलब है की तू अपने बीते कल में जा सकती  हैं और चीजों को वहां से उठा कर ला सकती है इसका मतलब तू  बीता हुआ कल देख सकती  हैं और इसकी मदद से हम यह भी देख सकते आंटी कहां गई थी और कहां से गायब हुई थी ।

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