ये कहानी मीना की है जो एक छोटे से गांव में रहती है । मीना अपनी मां के साथ गांव में रहती थी मीना के दो बहने और एक भाई है । मीना बहुत चंचल थी । मीना को कभी भी किसी चीज से डर नहीं लगता वह बहुत निडर थी । सर्दी के दिन चल रहे थे । मीना की मां ने कहा :- सुबह के लिए सब्जियां खत्म हो गई हैं जा के खेत से लिया । मीना बोली :- मैं अभी नहीं जाऊंगी मैं सुबह चली जाऊंगी । मीना की माँ :- अरे सुबह कब जाएगी? सुबह तो बहुत अंधेरा रहता है अभी चली जा अरे वहा पर केले की चुड़ैल रहती है अपनी सहेलियों को लेकर अभी चली जा अभी सब लोग अपने खेत में सब्जियां लेने जा रहे होंगे । मीना नहीं जाती । मीना सुबह जल्दी उठ जाती है और मां से कहती हैं मां मैं खेत जा रही हूं सब्जियां लेने सुबह बहुत अंधेरा था, मां ने कहा अभी मत जा तुझे थोड़ा भी डर नहीं लगता की वहा केले की चुड़ैल होगी, थोड़ी देर बाद जाना मीना ने एक ना सुनी और चली गए । मीना खेत में चली जाती हैं और सब्जियां तोड़ने लगती हैं तभी उसे खेत में एक औरत दिखाई देती हैं ।मीना उसे देखती हैं और सोचती हैं यह कौन है? उसे लगता है कि कोई गांव की औरत खेत में सब्जी लेने आए है । मीना को लगा कि शायद काकी भी सब्जी लेने आई है क्योंकि जब वह खेत आ रही थी तो काकी भी आ रही थी । मीना :- काकी आप भी सब्जी लेने आए हो, उसने कोई जवाब नहीं दिया । मीना फिर से बोली काकी बोलती क्यों नहीं हो और फिर से कुछ नहीं बोली। मीना सब्जी लेकर घर चली जाती है । मीना ने सब्जियां मां को दी और कहा मां खेत में काकी आई थी मैंने उनसे बोला लेकिन उन्होंने मुझसे बात नहीं की ।मीना की मां ने कहा कोई बात नहीं बेटा उनका मन नहीं होगा बात करने का । अगले दिन मीना रात को खेत में जाती है । उसे वही औरत फिर से मिलती हैं, मीना बोलती है, काकी तुम बात क्यों नहीं करती? कल भी नहीं बोला मीना जब जब बोलती वह सिर्फ अपना मुंह खोलती । जब वह अपनामुँह खोलती तो एक लाइट नजर आती, मीना ने कहा कि आप बार-बार लाइट जला रहे हो फिर औरत ने मुंह खोला फिर से लाइट जली मीना ने कहा आप बार-बार लाइट मत जलाओ मुझे अच्छा नहीं लग रहा और मीना वहां से चली जाती है । घर पहुंचकर वह अपने काकी से मिलने जाती है और अपनी काकी से कहती हैं कि आप मुझसे बात क्यों नहीं करते? मैं रोज आपसे बात करती हूं आप सिर्फ लाइट मेरे मुंह पर चलाते हो वह कहती है, बेटा आपने कब मुझसे बात कि, मीना ने कहा कल भी कि आज भी कि आप रोज खेत में आते हो । काकी ने कहा बेटा मैं तो खेत में नहीं गई । मीना सोचने लगती है अगर वह काकी नहीं थी तो कौन थी? मीना अगले दिन फिर से खेत में जाती है और फिर वही औरत उसे मिलती है, मीना बोलती है कि तुम मेरी काकी नहीं हो, तुम चोरनी हो तुम मेरी सब्जियां चुराने आई हो इतना सुनते ही औरत वहां से जाने लगती है मीना कहती है रुको अब तुम पकड़ी गई हो मीना उसके पीछे पीछे जाने लगती है मीना उसे कहती है रुको रुको उसके पीछे जाने लगती हैं, मीना यह देखकर हैरान हो जाती है कि वह औरत केले के पेड़ में छिप जाती है मीना यह देख कर डर जाती है और घर भाग जाती है । मीना घर पर जाती है अपनी मां को सारी बात बताती हैं उसकी मां कहती है, कहा था न वहा पर अकेले मत जा केले की चुड़ैल रहती है, मीरा की मां सभी गांव वालों को भी यह बात बताती हैं । रात हो जाती हैं सभी गांव वाले मिलकर मीना के खेत में जाते हैं और मीना को कहते हैं, अकेले जाओ हम यही पर छुपे है, वह औरत फिर से वही मिलती हैं जब मीना बोलती तो वह लाइट चलाती मीना ने कहा भागो मेरे खेत से वह जाने लगती है मीना उसका पीछा करने लगती है सभी गांव वाले मीना के पीछे आते हैं सभी देखते हैं वह अकेले में छिप जाती हैं सभी गांव वाले केले को घेर लेते हैं तभी देखते अकेले में कई सारी औरतें छुपी हुई है और वह औरते सारी सब्जियां चुराती थी और सब को यह भ्रम देती थी कि वह केले की चुड़ैल है । गांव वालों ने कहा तभी मैं कहूं सब्जियां कम कैसे होती जा रही हैं इसने सब के मन में भ्रम पैदा किया था की केले में चुड़ैल है और यह सारे मिलकर सब्जियां चुराती थी ।
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