गांव में एक आदमी रहता था । उसका नाम हरिया था । उसे गांव में अधिकतर लोग पसंद नहीं करते क्योंकि उसका चेहरा, अगर कोई देख लेता तो वह रातोंरात गरीब या अमीर हो जाता । हरिया से सब बहुत परेशान थे सबने मिलकर हरिया को गांव से निकल दिया । हरिया मजबूर था । उसे वहां से जाना पड़ा । हरिया पास के जंगल में चला गया और वहीं रहने लगा कई सालों तक हरिया जंगल में रहा । एक दिन हरिया ने सोचा कि अब तो मैं बूढ़ा हो गया हूं अब मेरे चेहरे से किसी को कोई परेशानी नहीं होगी, क्यों ना मैं कहीं पास के गांव में जाकर रहने लगु । अगले दिन हरिया पास के गांव में पहुंच गया । हरिया जिस गांव में गया था वह गांव बहुत गरीब था वहां के लोगों के पास सिर्फ एक वक्त का ही खाना रहता । वहा के लोग बहुत ईमानदार और दयालु थे । हरिया उस गांव में रहने लगा वह हमेशा अपना मुंह बांध के रखता क्योंकि उसे डर था कहीं किसी को हानि ना हो लेकिन गांव वाले उसे देख के हैरान थे कि यह हमेशा अपना चेहरा क्यों ढक के रखता है हरिया किसी से बात नहीं करता हमेशा अपने घर में ही रहता । बहुत कम बाहर निकलता । एक दिन गांव वालों ने सोचा क्यों ना हम हरिया के घर की तलाशी ले की आखिर यह अपना मुंह क्यों बांध के रखता है? गांव में दो भाई रहते थे, माधव और राघव बहुत ईमानदार थे गांव वालों ने उन्हें अंदर जाकर देखने को कहा दोनों राजी हो गए और रात का इंतजार करने लगे। आधी रात हो चुकी थी । माधव और राघव हरिया के घर में घुसे हरिया ने मुंह पर कपड़ा नहीं बांधा हुआ था । माधव और राघव ने देखा कि यह तो एक बुजुर्ग आदमी है उन्हें घर में कुछ भी नहीं मिलता वह दोनों बाहर चले जाते हैं गांव वाले पूछते हैं क्या था घर में आखिर वह कौन हैं? राघव बोला :- वह तो एक बुजुर्ग है और घर में कुछ था भी नहीं, सभी गांव वाले अपने घर में सोने चले जाते हैं । अगले दिन राघव और माधव सुबह जैसे ही उठते अपने आप को एक शानदार कमरे में देखते हैं, जहां पर ढेर सारा खाना रखा हुआ है सारे ऐसो आराम थे माधव और राघव सोच में पड़ जाते हैं कि हम किसके घर में आ गए हम तो रात में अपने ही घर में आए थे । माधव बोलता है :- अरे अपना घर इतना शानदार कैसे हो गया? रात को तो ठीक था, दोनों बाहर जाते हैं । सभी गांव वाले दोनों से पूछते हैं यह कैसे हो गया? माधव बोलता है । हमें भी नहीं पता राघव और माधव गांव वालों को घर में लेकर आते हैं और पेट भर खाना खाते हैं सभी गांव वाले बहुत खुश थे क्योंकि उन्होने बहुत दिनों बाद पेट भर खाना खाए लेकिन माधव और राघव अभी भी सोच में थे कि रात को तो सब ठीक था अचानक कैसे सब बदल गया? वह लोग रात की घटना याद करने लगे तभी राघव बोलता है, अरे भाई हम कल रात को उस बूढ़े आदमी के घर में गए थे उसके बाद से ही सब कुछ बदला है चलो उसी आदमी से पूछते हैं । सभी लोग हरिया के पास जाते हैं और उससे कल रात की पूरी घटना बताते हैं हरिया सब समझ जाता है और वह भी पूरी बात सभी गांव वालों को बताता है सभी गांव वाले बहुत खुश थे क्योंकि अब हरिया चेहरे पर कपड़ा नहीं बंधता था जिसकी वजह से सभी गांव वाले बहुत अमीर हो गए थे हरिया भी समझ गया था कि मेरा चेहरा सिर्फ ईमानदार लोगों के लिए ही अच्छा है बेईमानों के लिए नहीं । क्युकि हरिया का चेहरा बईमान अमीर लोग देखते तो वो गरीब हो जाते ।
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