Tuesday, July 2, 2019

चालाक बंदर और दयालु राजा

एक गांव में एक दयालु राजा रहता था । वह अपनी प्रजा  का बहुत ख्याल रखता था ।                                                                                                                                                                                                                                                                एक दिन राजा ने सोचा की क्यों ना मैं अपनी प्रजा को देखने राज्य में जाऊं । राजा ने आम वस्त्र पहने और राज्य की तरफ चल पड़े थोड़ी दूर चलते चलते उन्हें एक खेत में एक बंदर दिखा जो खेती कर रहा था। राजा यह देखकर आश्चर्यचकित रह गए कि एक बंदर खेती कर रहा है राजा आगे बढ़ने लगे तभी बंदर बोला, राजाजी आप कहां जा रहे हो राजा तुरंत पलट कर देखा और बोला तुमने कैसे पहचाना कि मैं राजा हूं, बन्दर बोला मैं सब जानता हूं राजा बोला अच्छा, बंदर बोला कहां जा रहे हो जहां भी जा रहे हो मुझे भी ले चलो राजा बोला नहीं मैं तुम्हें नहीं ले जा सकता बंदर बोला कि मुझे ले चलो नहीं तो मैं सबको बता दूंगा तुम राजा हो राजा बोला चलो ठीक है ।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                         राजा और बंदर साथ साथ चलने लगे चलते चलते बंदर को भूख लगने लगी बंदर बोला कि, मुझे खाना चाहिए राजा ने कहा मेरे पास खाना नहीं है, बंदर बोला नहीं नहीं मुझे भूख लगी है मुझे खाना चाहिए राजा बोला कि मेरे पास पैसे भी नहीं है, मैं कहां से लाऊं खाना बंदर बोला वह देखो चने का खेत चलो जी भर चने खाते हैं राजा बोला नहीं-नहीं चोरी करना गलत बात बंदर बोला देखो तुम्हें नहीं जाना है तो मत जाओ लेकिन मुझे जाने दो नहीं तो मैं सबको बता दूंगा तुम राजा हो राजा बोला ठीक है भाई जाओ बंदर जैसे ही खेत में गया खेत का मालिक आ गया और बंदर को मारने के लिए उसकी तरफ बड़ा बंदर वहां से एक चने का पेड़ उखाड़ के भागने लगा और राजा भी उसके साथ साथ भागने लगा थोड़ी दूर भागते भागते दोनों रुक गए । बंदर ने जिस पौधे को उखाड़ था उसमें सिर्फ एक ही दाना था उसने आधा राजा को दिया और आधा खुद खाया दोनों फिर से चल पड़े ।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             रात का समय था । बंदर और राजा दोनों ही कोई जगह ढूंढ रहे थे एक रात के लिए लेकिन वहां जंगल में उन्हें कोई घर नहीं मिला काफी दूर चलते चलते उन्हें एक घर दिखाई दिया दोनों घर के पास गए और दरवाजा खटखटाया एक सुंदर सी लड़की ने दरवाजा खोला राजा उसे देखता ही रह गया लड़की ने बोला क्या काम है, राजा ने कहा कि हमें एक रात अपने घर में रहने दो सुबह हम दोनों चले जाएंगे लड़की बोली नहीं नहीं मैं तुम्हें यहां नहीं रहने दे सकती । राजा बोला क्यों? तो लड़की ने कहा कि मेरे पापा बहुत बड़े राक्षस हैं तुम यहां रहोगे तो उन्हें पता चल जाएगा और वह तुम दोनों को खा जाएंगे बंदर बोला अरे भाई नहीं पता चलेगा हम आराम से ऊपर जा कर सो जाएंगे लड़की ने बोला चलो ठीक है लेकिन शोर मत करना। राजा बोला ठीक है हम शोर नहीं करेंगे ।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                              थोड़ी देर बाद राक्षस घर पर आया उसकी बेटी ने उसे खाना दिया और राक्षस उसी कमरे के नीचे सोया जिस कमरे में राजा और बंदर सोए थे । राक्षस को इंसान की खुशबू आने लगी राक्षस बोला कि यहां पर कोई इंसान है राक्षस की बेटी ने कहा नहीं पापा कोई नहीं है आपको मेरी ही खुशबू आ रही है मैं भी तो इंसान ही हूं राक्षस बोला ठीक है बेटा राक्षस सो गया ।                                                                                                                                                                                                                                                                                          आधी रात हो चुकी थी । बंदर ने राजा से कहा कि मुझे गाना गाने का मन कर रहा है, राजा बोला अरे पागल है क्या तू गाना गाएगा तो राक्षस उठ जाएगा और हम दोनों को खा जाएगा, बंदर बोला नहीं मैं गाना गाऊंगा राजा बोला अरे भाई हमें मरवाना चाहता है, बंदर बोला अरे कुछ नहीं होगा मुझे गाना गाने दे नहीं तो मेरा आधा चना दे। राजा बोला गा भाई आज तो लगता है मर ही जाऊंगा बंदर जोर जोर से गाने लगा राक्षस डर के मारे उठ गया यह कौन आया । राक्षस चिल्लाकर बोला, कौन है तू? बंदर बोला तू कौन है बे? राक्षस बोला पहले तू बता बंदर बोला पहले तु तो राक्षस बोला मैं राक्षस हूं तो बंदर बोला मैं महा राक्षस, राक्षस बोला अपना बाल का एक टुकड़ा फेक तो बंदर बोला पहले तू  राक्षस ने बहुत बड़ा बाल तोड़कर फेंका बंदर ने पास में पड़ी हुई रस्सी फेंकी राक्षस डर गया इतना बड़ा बाल और वहां से भाग गया । अपने साथियों के पास गया और कहा मेरे घर में महा राक्षस आया है वह मुझे खा जाएगा। सभी राक्षस बोले चलो आज हम उस महारक्षक को मिलकर खाएंगे । सभी राक्षस के घर जाते हैं और पूछते कौन है बे तू? बंदर बोलता है मैं महा राक्षस सारे राक्षस बोलते आज तुझे हम खा ही जाएंगे सारे राक्षस छत पर चढ़ने लगते हैं तो बंदर सीढ़ियां नीचे गिरा देता और सीढ़ियां टूट जाती हैं राक्षस कहते है कि हम फिर भी आएंगे सभी राक्षस एक के ऊपर चढ़ने की कोशिश करते हैं जिसका घर रहता है वह राक्षस सबसे नीचे खड़ा होता है और बोलता है मैं सबसे ऊपर नहीं रहूंगा नहीं तो वह मुझे पहले खा जाएगा सभी राक्षस बोलते हैं ठीक है,  तू सबसे नीचे  सभी राक्षस एक के ऊपर एक चढ़ने लगते हैं तभी बंदर कहता है मैं सबसे पहले उसे खाऊंगा जो सबसे नीचे हैं यह सुनकर उस राक्षस की हालत खराब हो जाती है और वह डर के मारे वहां से भाग जाता है उसके सभी राक्षस  नीचे गिर जाते । उन्हें काफी चोट लगती है और सभी वहां से भाग जाते हैं । राजा लड़की को लेकर अपने राज्य चला जाता है और विवाह कर लेता है।

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