Tuesday, July 16, 2019

अनोखी लड़की (पांचवा भाग)

शिखा बोलती हैं, की दिव्या तू ठीक बोल रही है मुझे याद नहीं है कि उस वक्त मैं सो रही थी या नहीं,  मुझे बस अपनी गुड़िया की याद आई और मैंने आंखें बंद कर ली उसके बाद मुझे लगा मैंने सपना देखा लेकिन वह सपना नहीं था मैं सही में अपने बीते हुए कल में चली गई थी । अनुराग बोलता है, तो तुम अपनी मम्मी को भी याद करो और देखो वह कहां कहां गई थी?  शिखा बोलती है, ठीक है,  शिखा एक कुर्सी पर बैठती है और अपनी मम्मी के बारे में सोचने लगती है बीते हुए कल में वह अपने ही घर में अपनी मम्मी को देखती है उसके बाद शिखा की मम्मी कपड़े खरीदने जाती  हैं,  उसके बाद वह कुछ खाने को खरीदती  हैं, फिर वह अपनी सहेली से मिलने जाती है,  उसके बाद वह अपनी मम्मी को एक बहुत बड़े म्यूजियम में देखती है उस म्यूजिक में एक बहुत बड़ा टीवी होता है और उस टीवी के अंदर सिया को कोई खींच लेता है और वह बाहर नहीं आती,  शिखा आंखें खोलती  हैं और कहती है मां एक बहुत बड़ी टीवी के अंदर चली गई लेकिन बाहर नहीं आई । रौशनी पूछती है,  कोन से म्यूजियम में?  शिखा बोलती है,पता नहीं वे मेने कभी नहीं देखा ।                                                                                                                                                                          तभी रवि बोलता है कि,  तुमने देखा वह म्यूजियम कहां था?  शिखा ने  कहां, हा  और वह कैसा था?  रवि बोलता हैं, तो तुम मुझे बताओ और मैं उसका चित्र बनाता हूं,  शिखा बताने लगती है और रवि उसका चित्र बनाता है उसका चित्र देखते ही अनुराग बोलता है अरे यह म्यूजियम तो मेरे पापा के दोस्त का है मैं यहां पर गया हूं यह बहुत बड़ा है लेकिन आंटी यहाँ क्यों गई? ये  तो बहुत दूर है यहां जाने में 3 से 4 घंटे लगते हैं आंटी आखिरकार वहां क्यों गए?    दिव्या बोलती हैं.तो फिर हम वहां पर कैसे जाएंगे, अनुराग बोलता है,  वहां पर जाना आसान नहीं है पहचान होनी चाहिए तभी तुम अंदर जा सकते हो,  वहां पर बाहर के आदमियों को आना मना है और वह मेरे  पापा के दोस्त थे इसलिए हम वहां चले गए । रोशनी बोलती है, तो फिर तुम अपने पापा से बात करो और वहां जाने की परमिशन लो,  लेकिन पापा मुझे वह नहीं जाने देंगे मैं क्या बोलूंगा?  शिखा कहती है, अनुराग ठीक बोल  रहा है, आदित्य बोलता है,  तो फिर हम वहां जाएंगे कैसे कुछ तो सोचना पड़ेगा?  तभी राजीव बोलता है  अनुराग से, अनुराग तुम्हारे पास तुम्हारे अंकल का नंबर होगा,  अनुराग बोलता है,  नहीं लेकिन पापा के फोन में होगा,  राजीव बोलता है कि,  तुम्हें वह नंबर लेकर आना होगा,  फिर हम कल सोचेंगे करना क्या है? अनुराग बोलता है ठीक है ।                                                                                                                                                                                                                                                                                               अगले दिन अनुराग जैसे तैसे करके अपने पापा के फोन में से प्रकाश अंकल का नंबर ले लेता है  और शिखा के घर पहुंचता है, राजीव को नंबर दे देता है । राजीव अनुराग का पापा बन कर प्रकाश से बात करता है और कहता है कि मेरा बेटा अनुराग और उसके कुछ दोस्त म्यूजियम देखना चाहते हैं क्या हम आज  आ  सकते हैं । प्रकाश कहता है, हां आ सकते हैं लेकिन आज नहीं कल, राजीव बोलता है कि,  लेकिन वह आज ही जाने की जिद कर रहे है, नहीं आज नहीं आ  सकते । आज यहां पर कुछ काम चल रहा है कल आना । राजीव  बोलता है, ठीक है,  हम कल आएंगे, राजीव बोलता है कि हमें कल जाना है और हमारे पास से 1 दिन का समय है हमें पूरी तैयारी से जाना होगा क्योंकि हमें नहीं पता कि वह कैसा दिखता है कितना खतरनाक है कितना नहीं?  हमें पूरी तैयारी करनी होगी ।                                                                                                                                                                                  अगले दिन सभी लोग शिखा के घर आते हैं । राजीव आदित्य से बोलता है की, आदित्य हमें बंदूकों की जरूरत पड़ेगी चलो हम बंदूक लेकर आते हैं । एक बंदूक से काम नहीं चलेगा हमारे पास तीन या चार बंदूके होनी चाहिए ।आदित्य कहता है, ठीक है,  चलो                                                                                                                                                                                             "कुछ देर बाद"                                                                                                                                                                                आदित्य और राजीव ढेर सारी बंदूकें लेकर आते हैं । बच्चे देखकर बहुत खुश होते हैं, कि आब  तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे,  तभी राजीव बोलता है कि, तुम बच्चे नहीं जाओगे । बस,  मैं राजीव और शिखा जाएंगे,  सारे बच्चे बोलते है, नहीं हम भी चलेंगे हम अपने दोस्त को अकेले नहीं जाने देंगे हमने वादा किया है । हम साथ मिलकर सब करेंगे । राजीव बोलता है, नहीं तुम नहीं जाओगे हमें कोई खतरा नहीं उठाना है । तुम यहीं पर हमारा  इंतजार करोगे । सारे दोस्त बोलते हैं कि,  नहीं हम अपनी दोस्त को अकेले नहीं छोड़ेंगे उसके साथ ही जाएंगे । आदित्य बोलता है,यार  चलने दो यह बच्चे नहीं मानेंगे । राजीव कहता है, ठीक है,  तो यह बताओ तुम्हारे पास कौन कौन से हथियार हैं ।                                                                                                                                                                                                                                                                            अनुराग पहले बोलता है. मेरे पास तो यह गुलेल है, मेरा निशाना बहुत अच्छा है मैं इससे उसकी आंखें फोड़ दूंगा ।                                                                                                                                                                   रवि बोलता है, मेरे पास कील वाली बंदूक है, मैं उसके अंदर ढेर सारी कीले  डाल दूंगा वह  मर जाएगा ।                                                                                                                                                                       दिव्या बोलती है, मेरे पास यह गोंद  वाली बंदूक है, मैं निशाना मार कर उसकी आंखें चिपका दूंगी तभी रवि बोलता है अच्छा जरा निशाना लगा तो दिव्या निशाना लगाती है और रवि का मुंह बंद हो जाता है ।                                                                                                                                                                   रोशनी बोलती है,मेरे पास एक गुब्बारे वाली बंदूक है इसमें से गुब्बारे में पानी भरकर निकलता है और उसे में इतने पानी वाले गुब्बारे मरुँगी की उसे बहुत चोट लगेगी  वह मर ही जाएगा । ये सुनकर  सभी दोस्त हंसने लगते हैं,  क्या रे पानी वाले गुब्बारे से तू उसको मारेंगी और उसे  चोट लगेगी ।  सभी खूब हस्ते है ।,,,,,,,,,,,,,,,,,,बाकि का अगले भाग में ,

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