अगले दिन सब लोग तैयार थे म्यूजियम में जाने के लिए तीन से चार घंटे में सभी लोग म्यूजियम के पास पहुंच गए थे । प्रकाश म्यूजियम के गेट के बाहर खड़ा था , प्रकाश अनुराग को पहचान लेता है और कहता है बेटा तुम आ गए तुम्हारे पापा नहीं आए । अनुराग बोलता है, पापा काम में व्यस्त थे । प्रकाश बोलता है, ठीक है, प्रकाश बोलता है कि सबकी चेकिंग होगी सभी डर जाते हैं, की चेकिंग होगी तो पता चल जाएगा हमारे पास क्या-क्या है । अनुराग बोलता है क्यों न हम प्रकाश अंकल को सब बता दे, राजीव बोलता है नहीं ऐसे तो वो हमें बहार से ही भगा देगा । शिखा बोलती है अनुराग सही बोल रहा है शायद हम उनसे बात करेंगे तो शायद वह हमें समझे, शिखा प्रकाश के पास जाती है और बोलती है अंकल हम लोगो के पास हथियार हैं । प्रकाश बोलता है, क्या ,क्या बोल रही हो । शिखा बोलती है,मै अपनी मम्मी को ढूंढने आई हु । प्रकाश बोलता है तुम्हारी मम्मी यहां पर नहीं है । शिखा कहती है नहीं मेरी मम्मी यही पर है इसी म्यूजियम में वो आई थी और यही गायब हुई हैं, अंदर बहुत बड़ा राक्षस है । प्रकाश बोलता है,क्यों मजाक कर रहे हो बेटा? शिखा बोलती है अंकल बस हमें अंदर जाने दो हम आपका कोई नुकसान नहीं करेंगे बस अपनी मम्मी को लेकर आ जाएंगे प्रकाश बोलता है ठीक है लेकिन तुम अंदर पानी नहीं ले जा सकते पानी से जुडी कोई भी चीज नहीं ले जा सकते । सभी रोशनी को देखने लगते हैं रोशनी बोलती है क्या मैं अपनी बंदूक नहीं रखूंगी अंकल को कौन बताएगा इसमें पानी है? सब बोलते है ठीक है चल, तभी शिखा बोलती है, रुको दोस्तों मम्मी ने कहा था कि वह मुझे लेने आया था लेकिन नहीं ले जा पाया क्या कारण था मम्मी को नहीं पता था? अब मुझे समझ में आ रहा है कि क्या कारण था? रवि पूछता है क्या था कारण? तुम लोगों को याद है उस दिन हमारी स्विमिंग क्लासेस थी हम लोग पानी के अंदर थे शायद वह मुझे इसलिए नहीं ले जा सका, अनुराग बोलता है, क्या बोल रही है? शिखा बोलती है नहीं तुमने प्रकाश अंकल की बात नहीं सुनी क्या? उन्होंने कहा अंदर पानी ले जाना सख्त मना है । अनुराग बोलता है, हां, यह पता है मुझे अंदर पानी ले जाना इसलिए मना है कि क्यों म्यूजियम पूरा इलेक्ट्रॉनिक चीजों से बना है, अगर जरा सा भी पानी गिरा तो, कुछ खराब हो सकता है । शिखा बोलती है, अनुराग तू समझ नहीं रहा है मैं क्या बोलना चाह रही हूं, जब वह मुझे लेने आया था तब मैं पानी में थी और यहां पर भी पानी को अंदर लाना सख्त मना है । इसका मतलब उसको हम पानी से भी मार सकते हैं मतलब उसको पानी से डर लगता है । रोशनी बोलती है, शिखा बिल्कुल ठीक बोल रही है । सारे दोस्त बोलते है तू तो ठीक बोलेगी, तेरी बंदूक पानी वाली जो है, नहीं यार थोड़ा दिमाग लगाओ सोचो वह इतना शक्तिशाली है तो मुझे लेकर क्यों नहीं गया? इसका यही मतलब है उसे पानी से डर लगता है । आदित्य बोलता है, तो फिर हम उसे पानी से भी मार सकते हैं लेकिन हम पानी अंदर नहीं ला सकते । राजीव बोलता है कि,हम लोग टीवी को गिरा देंगे जिसे वो मर जाएगा और दूसरा ऑप्शन है पानी का, ठीक है, लेकिन हम कैसे लाएगे पानी को अंदर? आदित्य बोलता है पानी को अंदर लाना आसान नहीं होगा सब चीजें बिगड़ जाएगी लाइट बंद हो जाएंगी अगर पानी की एक बूंद भी गिरी । राजीव बोलता है लेकिन हमें दूसरा प्लेन तो बनाना ही पड़ेगा अगर हम टीवी नहीं गिरा पाए तो वो हम सब को मार देगा । राजीव बोलता है, मेरा एक दोस्त है जिसके पास बहुत सारे पानी के टैंकर हैं मै पांच टैंकर मंगा लेता हूं । मै और अनुराग बाहर ही रुकते है । अगर तुम लोग उसे नहीं मार पाए तो सभी लोग बाहर आ जाना । सभी लोग टीवी के अंदर जाते हैं अंदर बहुत अंधेरा होता है अंदर बहुत ज्यादा गर्मी होती हैं पानी का कहीं भी नामोनिशान नहीं होता आदित्य बोलता है, कोई शोर नहीं करेगा, सब आराम से जाएंगे और सिया को ढूंढ लेंगे और कोई अलग नहीं होगा सब साथ में रहेंगे, सभी बच्चे बोलते हैं ठीक है । सभी सिया को ढूंढने लगते हैं, सिया एक पेड़ की बैलों से बंधी हुई मिलती है सब छुड़ाने की पूरी कोशिश करते हैं लेकिन छुड़ा नहीं पाते तभी शिखा बोलती है सब लोग हटो वह अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करती हैं और अपनी शक्तियों से बैलों को काट देती हैं । सिया बेहोश होती है आदित्य सिया को उठाता है और वहां से सबको चलने को कहता है । तभी राक्षस को पता चल जाता है और वह उन लोगों के पीछे भागता है वह भागने लगते हैं तभी रोशनी गिर जाती है,रवि बोलता है उठ जा जल्दी भाग रौशनी, वे डर जाती हैं तभी आदित्य बंदूक चलाता है राक्षस वहा से भाग जाता है । आदित्य बोलता है निकलो यहाँ से जल्दी से । तभी राक्षस आता है और शिखा को पकड़ लेता है । शिखा बोलती है तुम सब निकलो में इसे देख लुग्गी, रवि बोलता है नहीं हम तुझे छोड़के नहीं जाएगे रवि कीलो से रक्षा को घायल करता है दिव्या गोंद वाली बन्दुक से उसकी आंखे बंद कर देती है रौशनी बहुत डरी हुए होती है तभी सीखा बोलती है रौशनी अपनी बन्दुक चला रौशनी नहीं चला पाती, तभी रवि पानी वाली बन्दुक चलता है और राक्षश का हाथ जलने लगता है और वो शिखा को छोड़ देता है शिखा को काफी चोट आ जाती है । रवि और दिव्या शिखा को लेकर भागने लगते है राक्षश अब और गुस्से में है वो टीवी का गेट बंद करने लगता है । आदित्य बोलता है सब जल्दी भागो नहीं तो सभी मारे जाएगे । तभी शिखा बोलती है सभी यहाँ से जल्दी जाओ में उसे रोकती हु,आदित्य बोलता है नहीं तुम ऐसा कुछ नहीं करोगी, नहीं पापा अगर मेने नहीं रोका तो वो गेट बंद कर देगा और हम सब मारे जाएगे । आप सब जाओ मुझे कुछ नहीं होगा । शिखा अपनी पूरी शक्तियों का इस्तमाल करके उसे रोकती है सब लोग गेट के पास रूक जाते है और बोलते है शिखा जल्दी करो सब बहार आ जाते है । राजीव टीवी गिराने लगता है, आदित्य बोलता है रुको अभी शिखा अंदर ही है हमें पानी से उसे मारना होगा पुरे म्यूजियम में अँधेरा होता है शिखा टीवी से बहार आती है और राक्षश भी, तभी राजीव पानी चला देता है है और राक्षश जल कर राख हो जाता है सब लोग म्यूजियम से बहार आ जाते है और म्यूजियम जलकर राख हो जाता है । सब बहुत खुश होते है और घर चले जाते है ।,,,,,,, कहानी समाप्त

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